Interview: 10वीं में झेली बॉडी शेमिंग, CA की तैयारी में छूटे 70 लेक्चर, टॉपर लिस्ट में नाम देख चौंक गई थीं यति

Published On: June 28, 2026
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नई दिल्ली (Yati Agarwal CA Intermediate Success Story). चार्टर्ड अकाउंटेंसी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है. इसमें सफल होने के लिए दिन-रात एक करना पड़ता है. इरादे मजबूत हों और सही गाइडेंस मिले तो हर मुश्किल आसान हो जाती है. ऐसी ही मिसाल पेश की है मुंबई की यति अग्रवाल ने. शानदार प्रदर्शन करते हुए यति अग्रवाल ने सीए इंटरमीडिएट परीक्षा में AIR 6 हासिल की है. 494 अंकों के साथ मेरिट लिस्ट में जगह बनाने वाली इस टॉपर की सक्सेस स्टोरी बेहद खूबसूरत है.

यति अग्रवाल का कहना है कि उनके लिए यह कामयाबी बेहद सरप्राइजिंग थी. टैक्स का कठिन पेपर देने के बाद उन्हें अच्छी रैंक की उम्मीद नहीं थी. साधारण शिक्षक परिवार से आने वाले दादाजी और पिछले 20 सालों से सीए की प्रैक्टिस कर रहे पिता से प्रेरित होकर उन्होंने इस क्षेत्र में कदम रखा था. 10वीं में 96.2% और 12वीं में 95.67% अंक हासिल करने वाली मेधावी यति अग्रवाल ने कॉलेज लाइफ के मजे छोड़कर केवल अपनी पढ़ाई पर फोकस किया और आज देशभर के सीए उम्मीदवारों के लिए प्रेरणा बन गई हैं.

सीए इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल करने वाली यति अग्रवाल से खास बातचीत

अगर आप सीए परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो यति अग्रवाल का यह इंटरव्यू आपको बेहतर तैयारी करने के लिए प्रेरित कर सकता है.

सवाल 1: अपने फैमिली बैकग्राउंड और पढ़ाई के सफर के बारे में कुछ बताइए. आपको सीए करने की प्रेरणा कहां से मिली?

यति अग्रवाल: मेरे दादाजी राजस्थान में शिक्षक थे. वह बहुत ही साधारण परिवार से हैं. एक शादी में बातचीत के दौरान मेरे पापा को चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) के बारे में पता चला. फिर उन्होंने सीए बनने का फैसला किया. अब करीब 20 सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं. मेरी मां पहले शिक्षिका थीं और अब होममेकर हैं. बचपन से ही मैं अपने पिता के प्रोफेशन से प्रेरित रही. 10वीं के बाद करियर काउंसलिंग ली, जिससे मुझे समझ आया कि मेरी रुचि साइंस के बजाय कॉमर्स में ज्यादा है. फिर मैंने नरसी मोंजी जूनियर कॉलेज में एडमिशन लिया. वहां सीए (CA) और सीएफए (CFA), दोनों ही विकल्प अच्छे लगे. मेरे पिता ने हमेशा मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्हें पूरा विश्वास था कि मैं यह कर सकती हूं.

सवाल 2: 10वीं और 12वीं बोर्ड में आपका स्कोर कैसा था? आपकी स्कूली शिक्षा ने इस सफर में क्या भूमिका निभाई?

यति अग्रवाल: मैंने सीबीएसई बोर्ड से 10वीं कक्षा में 96.2% और एचएससी (HSC) बोर्ड से 12वीं कक्षा में 95.67% अंक हासिल किए थे. मेरी स्कूल एजुकेशन ने अकाउंट्स, इकोनॉमिक्स और मैथ्स जैसे विषयों में मेरी नींव को बहुत मजबूत बना दिया था. सीए फाउंडेशन का सिलेबस देखकर मुझे लगा कि कई विषय और कॉन्सेप्ट्स तो मैं पहले ही पढ़ चुकी हूं. इससे मेरी राह काफी आसान हो गई. केवल ‘लॉ’ (Law) विषय मेरे लिए नया था. सीए इंटरमीडिएट के लिए बहुत गहराई से तैयारी की जरूरत थी, लेकिन 11वीं-12वीं की मजबूत समझ मेरे बहुत काम आई.

सवाल 3: सीए इंटर परीक्षा के लिए ओवरऑल स्ट्रेटजी क्या थी? टाइम और रिवीजन को कैसे मैनेज किया?

यति अग्रवाल: सीए फाउंडेशन पास करने के बाद मैंने तुरंत सीए इंटर की तैयारी शुरू कर दी थी. इसके लिए पीडब्ल्यू के ‘CA Inter Pro Udesh Batch’ में एडमिशन लिया. शुरुआत से ही मेरा पूरा फोकस नियमित पढ़ाई करने और बैकलॉग (पेंडिंग क्लास) से बचने पर था. मैं हमेशा सारे लेक्चर्स टाइम पर देखती थी. अगर कोई क्लास मिस हो जाती तो उसे तुरंत कवर करती थी. मैं रोजाना प्रैक्टिकल विषयों के सवाल खुद हल करके प्रैक्टिस करती थी. थ्योरी विषयों के लिए लेक्चर्स के साथ-साथ सेल्फ नोट्स बनाती थी. रिवीजन के लिए कोचिंग मटीरियल और सेल्फ नोट्स का इस्तेमाल किया. मेरी तैयारी का सबसे बड़ा सीक्रेट था- Consistency. इसके अलावा टीचर्स के गाइडेंस से मेरे कॉन्सेप्ट्स बहुत मजबूत बने.

सवाल 4: सीए परीक्षा की तैयारी के दौरान सबसे बड़ी चुनौतियां क्या थीं और उन्हें कैसे पार किया?

यति अग्रवाल: सबसे बड़ी चुनौती सीए का सिलेबस संभालना था. कई बार लगता था कि सफर बहुत लंबा है और मंजिल दूर है. अपने दोस्तों को कॉलेज लाइफ एंजॉय करते देखना और खुद दिन-रात पढ़ते रहना मेंटली आसान नहीं था. एक बड़ी पर्सनल चुनौती बीकॉम परीक्षाओं और दिवाली की छुट्टियों के बाद आई, जब मेरे करीब 60-70 लेक्चर्स पेंडिंग हो गए थे. इसे पूरा करने के लिए मैंने पढ़ाई के घंटे बढ़ाए, रोज कई-कई लेक्चर्स देखे और बिना हार माने सिर्फ 1 महीने में पूरा बैकलॉग खत्म कर दिया.

एक चुनौती मैंने 10वीं क्लास के दौरान भी झेली थी. उस समय मुझे अपने Body Appearance को लेकर लोगों के ताने और टिप्पणियां सुननी पड़ती थीं, जिससे मेरा कॉन्फिडेंस टूट जाता था. लेकिन मैंने उन बातों को खुद पर हावी नहीं होने दिया. मैंने तय किया कि मैं अपनी मेहनत और उपलब्धियों से खुद को साबित करूंगी. इस अनुभव ने मुझे अंदर से बहुत मजबूत बना दिया, जिससे मुझे सीए एग्जम का स्ट्रेस झेलने में मदद मिली. जब भी मैं उदास होती, मोटिवेशन के लिए अपने दोस्तों से बात करती थी.

सवाल 5: सीए रिजल्ट में ऑल इंडिया रैंक 6 देखकर कैसा लगा? आपके फ्यूचर प्लान्स क्या हैं?

यति अग्रवाल: सीए रिजल्ट देखकर मैं बहुत ज्यादा खुश थी और थोड़ी हैरान भी. टैक्स का पेपर देने के बाद मुझे किसी रैंक की कोई उम्मीद नहीं थी. सबसे पहले मैंने अपना स्कोर चेक किया, जो 494 अंक था. इसके बाद जब मेरिट लिस्ट में अपना नाम AIR 6 पर देखा तो मैं चौंक गई. वह मेरे लिए मैजिकल मोमेंट था. मेरे मम्मी-पापा की खुशी का ठिकाना नहीं था और मेरे टीचर्स ने भी तुरंत फोन करके मुझे बधाई दी. अब मैं जल्द ही आर्टिकलशिप शुरू करूंगी, जिसमें मेरा फोकस वैल्युएशन और फॉरेंसिक ऑडिट जैसे सेक्टर्स को करीब से समझने पर होगा. भविष्य में मैं CFA की पढ़ाई करने पर भी विचार कर रही हूं.

सवाल 6: सीए परीक्षा की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को आप क्या सलाह देंगी?

यति अग्रवाल: हमेशा अनुशासन बनाए रखें और अपनी पढ़ाई में Consistency रखें. आज आप जो मेहनत कर रहे हैं, उसका रिजल्ट शायद तुरंत न दिखे, लेकिन आगे चलकर उसका फायदा जरूर मिलता है. तैयारी के दौरान आप कई बार निराश होंगे या लगेगा कि एक ही जगह अटक गए हैं. ऐसे समय में धैर्य रखें, अपनी मेहनत पर भरोसा रखें और लगातार आगे बढ़ते रहें. सबसे जरूरी है खुद पर विश्वास रखना. जब आप सफल होंगे और पीछे मुड़कर देखेंगे तो अपने संघर्ष पर गर्व होगा.

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