Tera Mera Nata Movie Review: प्यार, त्याग और पारिवारिक जिम्मेदारी की कड़क दास्तान है 'तेरा मेरा नाता'

Published On: June 26, 2026
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Tera Mera Nata Movie Review: प्यार, त्याग और पारिवारिक जिम्मेदारी की कड़क दास्तान है 'तेरा मेरा नाता'

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नई दिल्ली. बॉलीवुड में एक समय था जब ‘नदिया के पार’ या ‘सच्चा झूठा’ जैसी फिल्में अपने साफ-सुथरे पारिवारिक ताने-बाने और सच्चे प्यार की मासूमियत से दर्शकों को रुलाती और हंसाती थीं. समय के साथ, ऐसी सच्ची और गहरी प्रेम कहानियों की कमी हो गई. लेकिन 26 जून 2026 को रिलीज हुई ‘तेरा मेरा नाता’ ने साबित कर दिया कि अगर आपके इरादे नेक हों और कहानी सच्ची हो, तो बिना किसी भारी एक्शन या शोर के एक ब्लॉकबस्टर और दिल को छू लेने वाली फिल्म बनाई जा सकती है. सीपी प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस फिल्म की डायरेक्टर चंदा पटेल ने अपनी पहली ही कोशिश में सिनेमा की दुनिया में अपनी पहचान बना ली है.

कहानी
इस फिल्म का प्लॉट बहुत ही सिंपल, रियलिस्टिक है और आज की यंग जेनरेशन को एक दमदार मैसेज देता है. कहानी गौरव और मीशा के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने अलग-अलग नेचर के बावजूद, एक-दूसरे के लिए बहुत लॉयल और डेडिकेटेड हैं. फिल्म की सबसे बड़ी क्रिएटिव ताकत यह है कि यह प्यार को सिर्फ दो प्रेमियों के बीच की मजेदार मुलाकातों तक सीमित नहीं रखती, बल्कि इसे परिवार के प्रति जिम्मेदारी, बड़ों के सम्मान और मुश्किल हालात में खुद को कुर्बान करने से जोड़ती है. जैसे-जैसे कहानी अचानक और इमोशनल मोड़ लेती है, दर्शकों को एहसास होता है कि सच्चा प्यार सिर्फ अपनी खुशी ढूंढना नहीं है, बल्कि अपने पार्टनर और परिवार की खुशी के लिए अपनी इच्छाओं को कुर्बान करना है. कहानी के कुछ हिस्से दर्शकों को ‘सैयारा’ जैसी हमेशा याद रहने वाली और गहरी इमोशनल क्लासिक्स की याद दिलाते हैं, वहीं फिल्म अपने क्रिस्प प्रेजेंटेशन और ओरिजिनल स्क्रीनप्ले की वजह से अपनी एक अलग और नई पहचान बनाने में कामयाब होती है.

एक्टिंग
फिल्म की सबसे मजबूत रीढ़ इसके लीड एक्टर सूरज हैं, जिन्होंने गौरव के मुश्किल और इमोशनल किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाया है. सूरज के चेहरे के एक्सप्रेशन, उनकी शार्प डायलॉग डिलीवरी और खासकर दूसरे हाफ के इमोशनल सीन इतने दमदार हैं कि थिएटर में दर्शक उनके सुख-दुख से जुड़ जाते हैं. रोमांटिक सीन में उनकी आसानी साफ दिखाती है कि वे भविष्य में एक बहुत भरोसेमंद लीड एक्टर के तौर पर उभरने वाले हैं. एक्ट्रेस अंबिका वाणी, जो मीशा के किरदार में सादगी, मासूमियत और भारतीयता भरती हैं, जो सच में आंखों को सुकून देती है, सूरज और अंबिका की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री को इतने नैचुरली पूरा करती हैं कि कोई बनावटीपन नहीं है. इसके अलावा, सीनियर कास्ट में से दीपिका चिखलिया मां के रोल में एक बार फिर अपनी अनुभवी और बेहतरीन परफॉर्मेंस से फिल्म में जान डाल देती हैं. उनके इमोशनल सीन दर्शकों की आंखों में आंसू ला देते हैं. वहीं, अनुभवी एक्टर पंकज बेरी अपनी गंभीर और संतुलित परफॉर्मेंस से कहानी को जरूरी संतुलन और ताकत देते हैं. बाकी सपोर्टिंग कास्ट भी अपने छोटे लेकिन जरूरी रोल के साथ पूरा न्याय करती है.

डायरेक्शन और सिनेमैटोग्राफी
यह चंदा पटेल की डायरेक्टर के तौर पर पहली फिल्म है, लेकिन उनके काम में एक अनुभवी फिल्ममेकर की मैच्योरिटी साफ दिखती है. उन्होंने स्क्रीनप्ले को इस तरह से बनाया है कि ढाई घंटे के लंबे सफर में दर्शकों को कहीं भी बोरियत महसूस नहीं होती. फिल्म के विजुअल्स भी बहुत दमदार हैं. नेचुरल और असली जगहों पर शूट की गई शानदार सिनेमैटोग्राफी, फिल्म के सीन को एक शानदार और रिच विजुअल अपील देती है, जो कहानी के मूड से पूरी तरह मेल खाती है.

म्यूजिक
दुष्यंत दुबे का म्यूजिक इस फिल्म का एक और बड़ा प्लस प्वाइंट है. आज के जमाने के शोरगुल वाले, तेज गानों से हटकर, फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और गाने कहानी की रफ्तार के साथ खूबसूरती से घुलमिल जाते हैं. गाने सिर्फ स्क्रीन टाइम के लिए नहीं हैं. वे कहानी के अंदरूनी इमोशंस और किरदारों के अंदरूनी झगड़ों को और गहरा करने का काम करते हैं.

कमियां
हालांकि फिल्म हर तरह से बेहतरीन है, लेकिन पहले हाफ में कहानी की रफ्तार थोड़ी धीमी लगती है, जहां किरदारों के बैकग्राउंड को समझने में थोड़ा ज्यादा समय लगता है. इसके अलावा, जो दर्शक थ्रिलर, सस्पेंस या एक्शन से भरपूर सिनेमा पसंद करते हैं, उन्हें इसकी शांत और फैमिली वाली सेटिंग थोड़ी धीमी लग सकती है.

अंतिम फैसला
शॉर्ट में कहा जाए तो ‘तेरा मेरा नाता’ सिर्फ एक रोमांटिक ड्रामा नहीं है, बल्कि हमारे समाज और नई पीढ़ी के लिए रिश्तों की खूबसूरती का एक शानदार सेलिब्रेशन है. फिल्म दिखाती है कि सच्चा प्यार अभी भी मौजूद है और इसे बनाए रखने के लिए मैच्योरिटी की जरूरत होती है. यह एख साफ सुथरी पारिवारिक फिल्म है, जिसे आप अपने पूरे परिवार के साथ देख सकते हैं. मेरी ओर से इस फिल्म को 5 में से 4 स्टार.


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