सागर. बचपन में ज्यादातर लोगों का सपना होता है कि वह पुलिस बनेंगे. ऐसे ही हजारों युवा इस समय मध्य प्रदेश कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की तैयारी करने में जुटे हुए हैं और वे रोजाना अपनी फिजिकल फिटनेस को लेकर घंटों मेहनत कर रहे हैं. कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का रिटन एग्जाम हो जाने के बाद अब पूरा दारोमदार फिजिकल पर आ गया है. इसमें चाहे लड़के हों या लड़कियां, वे अधिक से अधिक समय देकर रनिंग, गोला फेंक और लॉन्ग जंप का अभ्यास करने में जुटे हुए हैं. फिजिकल की तैयारी करते समय कुछ बातों पर ध्यान देने की जरूरत होती है क्योंकि बिना किसी ट्रेनर के या फिर अचानक शुरू की जाने वाली फिजिकल एक्टिविटी में अलग-अलग तरह की परेशानियां देखने को मिलती हैं, जिसमें मांसपेशियों में खिंचाव, घुटनों में दर्द, कंधे में जर्क, रनिंग करते समय हांफना, रनिंग के दौरान बीच में ही मैदान छोड़ देना. इन सब परेशानियों से कैसे बच सकते हैं, साथ ही फिजिकल में ज्यादा से ज्यादा नंबर किस तरह से ला सकते हैं, इसके बारे में आज मध्य प्रदेश के सागर की पटेल फिजिकल अकादमी चलने वाले कोच राहुल पटेल से जानेंगें इससे जुड़ी बारीकियां.
राहुल पटेल पिछले चार साल से बच्चों को आर्मी, अग्निवीर, पुलिस, सीआईएसएफ और रेलवे की तैयारी करा रहे हैं. उनकी अकादमी से अब तक 600 से ज्यादा बच्चों का सलेक्शन भी हो चुका है. सागर में कड़ाके की ठंड में युवा पुलिस कांस्टेबल के फिजिकल की तैयारी करने में जुटे हुए हैं. सुबह 5 बजे से ही अलग-अलग ग्राउंड में युवा तैयारी करते हुए दिखाई देने लगते हैं.
अभ्यर्थी ध्यान रखें ये बातें
राहुल पटेल ने लोकल 18 से कहा कि कोई भी अभ्यर्थी अपना फिजिकल शुरू करता है, तो उसे इस बात का ध्यान रखना होगा कि अपनी तैयारी में वह निरंतर अभ्यास करें. बिल्कुल भी रेस्ट नहीं ले. मतलब दो दिन आ गए, दो दिन नहीं आए या थोड़ा कर लिया या थोड़ा कभी और कर लिया, इस तरह से नहीं होता है. इसमें प्रॉपर एक्सरसाइज होती है, रनिंग होती है और धीरे-धीरे और लगातार करने से इनमें सुधार होता है. रनिंग शुरू करने से पहले सबसे पहले शरीर को वार्मअप करने के लिए एक्सरसाइज करनी होती है. जब आपके शरीर में स्ट्रेचिंग हो जाए, इसके बाद ही रनिंग करें. पहले रनिंग धीरे-धीरे शुरू की जाती है और फिर स्पीड बढ़ती जाती है. कभी भी कोई बच्चा रनिंग शुरू करता है, तो वह सड़क पर नहीं दौड़े, ग्राउंड से इसकी शुरुआत करे. सड़क पर दौड़ने की वजह से मांसपेशियों में खिंचाव, घुटनों में दर्द जैसी समस्याएं आती हैं.
शरीर की स्ट्रेचिंग सबसे जरूरी
उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह अगर आपकी रनिंग अच्छी हो जाती है, तो फिर लॉन्ग जंप का अभ्यास करते हैं. निरंतर अभ्यास से लॉन्ग जंप कवर होने लगता है. जब गोला फेंकने का अभ्यास करते हैं, तो उसमें भी शरीर की स्ट्रेचिंग जरूरी होती है, नहीं तो कंधा और कमर में जर्क लग जाता है. शरीर में स्ट्रेचिंग बनाए रखेंगे, तो परेशानी नहीं आती है.
7500 पदों पर भर्ती
बता दें कि 7500 पदों पर कांस्टेबल भर्ती की जानी है. नौकरी पाने के लिए करीब 10 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिसमें पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी होल्डर भी शामिल हैं. एक पद के लिए 1300 अभ्यर्थी दावेदार हैं. ऐसे में जो अपने वर्दी पहनने के सपने को पूरा करना चाहते हैं, उनको अधिक से अधिक मेहनत करनी होगी. ऐसा माना जा रहा है कि यह फिजिकल एग्जाम मार्च के महीने में हो सकता है.
कुल 200 नंबर का एग्जाम
पुलिस का एग्जाम 200 नंबर का है, जिसमें 100 नंबर का रिटन हो गया है और 100 नंबर का फिजिकल होना है. इसमें 40 नंबर रनिंग के लिए, 30 नंबर गोला फेंक के लिए और 30 नंबर लॉन्ग जंप के लिए मिलेंगे. रिटन और फिजिकल के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार होगी और इसी के हिसाब से पुलिस की नौकरी का सपना पूरा होगा.
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