Solar Energy Series 7th Story: ‘मैं शहर में फ्लैट में रहता हूं लेकिन गांव में मेरा घर है. काफी बड़ा है. एक मंजिला बने इस घर की छत इतनी बड़ी है कि 50 लोग एक बार में यहां बैठकर खाना खा लें. जब से मैंने सौर सौर और सोलर पैनल्स के बारे में सुना है, मेरा भी मन करता है कि घर में रूफटॉप सोलर पैनल लगवा लूं, लेकिन अक्सर मन में एक सवाल आता है कि क्या मैं घर की छत पर जरूरत से ज्यादा सोलर पैनल्स लगा सकता हूं, ताकि गांव के घर में बिजली का खर्च भी चल जाए कुछ बिजली में अपने गांव के पड़ोसियों को भी उनकी जरूरत में दे सकूं, ताकि वे भी अपने-अपने घरों में सोलर पैनल की बिजली इस्तेमाल कर लें. क्या ऐसा संभव है? क्या मैं रूफटॉप सोलर पैनल्स लगवाकर आस-पड़ोस में बिजली बेच सकता हूं? क्या यह कानूनी है या अवैध है?’
ये सवाल किसी एक व्यक्ति का नहीं है, बल्कि जिन लोगों के पास बड़ी छत या खाली पड़ी जमीन है, उन सभी का है. वे सभी जानना चाहते हैं कि क्या कोई व्यक्ति अपनी खाली जमीन पर सोलर पैनल लगाकर बिजली सीधे अपने आस-पास के मोहल्लों या गांवों में बेच सकता है, बजाय इसे बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को बेचने के? क्या यह कानूनी रूप से सही है? अगर यह कानूनी नहीं है, तो क्या कानूनी कार्रवाई हो सकती है?
तो आइए ‘सौर ऊर्जा-सोलर पैनल’ को लेकर चलाई जा रही News18hindi की सीरीज की सातवीं स्टोरी में काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर की प्रोग्राम लीड भावना त्यागी से जानते हैं सभी सवालों के जवाब…
क्या मैं खाली पड़ी जमीन पर सोलर पैनल्स लगवाकर पड़ोस में बिजली बेच सकता हूं?
भावना त्यागी कहती हैं, ‘आमतौर पर, कोई भी व्यक्ति बिजली से जुड़े सरकारी नियमों और जरूरी लाइसेंस या मंजूरी के बिना, अपनी निजी जमीन पर सोलर पैनल लगाकर सीधे मोहल्लों या गांवों में बिजली नहीं बेच सकता. पावर डिस्ट्रीब्यूशन सरकार के कड़े नियमों के अधीन आता है.’
भावना कहती हैं कि ज्यादातर मामलों में बिजली को सरकारी ग्रिड के जरिए और रेगुलेटर्स व विद्युत वितरण कंपनियों (DISCOMs) के नियमों के अनुसार ही सप्लाई करना होता है. हालांकि, कुछ जगहों पर आपस में बिजली बेचने के मॉडल्स, जैसे पीयर टू पीयर (Peer-to-Peer) ट्रेडिंग, पर ट्रायल चल रहे हैं, लेकिन ये भी सरकारी नियमों के दायरे में ही काम करते हैं. इसमें भी बिना रोक-टोक सीधे निजी तौर पर बिजली बेचने की छूट नहीं होती है.’
‘अभी तक सौर ऊर्जा के संबंध में नियम कहते हैं कि बिना मंजूरी के बिजली बेचना या बांटना गैर-कानूनी है और ऐसा करने पर जुर्माना लग सकता है, नोटिस आ सकता है, उल्लंघन करने पर सिस्टम का कनेक्शन काटा जा सकता है और अन्य कानूनी कार्रवाई भी हो सकती हैं.’
बिजली कंपनी या डिस्कॉम को कैसे बेची जाती है बिजली?
हालांकि नियमों के तहत सोलर पैनल्स से प्राप्त अतिरिक्त बिजली को स्टोर करने और बिजली कंपनियों को बेचने का भी विकल्प है. जिन लोगों के घरों में सोलर पैनल्स से जेनरेट की हुई बिजली ज्यादा है लेकिन घर की खपत कम है तो वे लोग इस अतिरिक्त बिजली को डिस्कॉम या बिजली कंपनियों को बेच सकते हैं या एक्सपोर्ट कर सकते हैं.
यह बेची गई बिजली आपके काम सर्दियों में या अन्य जरूरी समय में भी आ सकती है, या आप चाहें तो इससे मुनाफा भी कमा सकते हैं और बिजली कंपनी से इसका पैसा ले सकते हैं.
हालांकि यह नियम सिर्फ बिजली कंपनियों के लिए ही है. कोई व्यक्ति अगर अतिरिक्त बिजली उत्पादन कर मोहल्ले या इलाके में बेचता है तो वह गैरकानूनी है. ऐसी स्थिति में व्यक्ति की सब्सिडी रुक सकती है, उसका कनेक्शन कट सकता है, सरकार उस पर अन्य कार्रवाई भी कर सकती है.
इस सीरीज की अगली स्टोरी में पढ़ें…
‘सोलर पैनल लगवाने के लिए सरकार से सब्सिडी कैसे ली जा सकती है? पूरा प्रोसेस जानें..’
पढ़ते रहें न्यूज18हिंदी….
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